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शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया)
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि मेरे शिशॠको दसà¥à¤¤ (डायरिया) है?
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° पतला मल होना सामानà¥à¤¯ है। मगर, यदि आपके शिशॠके मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— के तरीके में अचानक बदलाव आता है और वह बार-बार पानी जैसा पतला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा है, जिसमें कोई ढेले नहीं हैं तो हो सकता है शिशॠको डायरिया हà¥à¤† हो। मल विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿà¤• तरीके से बाहर आसपास छींटे मारता हà¥à¤† निकलता है।
दसà¥à¤¤ के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। इनमें शामिल हैं उलà¥à¤Ÿà¥€, बà¥à¤–ार और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° शिशॠके मल में खून या शà¥à¤²à¥‡à¤® आना।
नवजात शिशॠबहà¥à¤¤ बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं, इसलिठआप इसे दसà¥à¤¤ मानकर चिंतित न हों। वासà¥à¤¤à¤µ में उसकी उमà¥à¤° के शिशॠके लिठयह सामानà¥à¤¯ है। साथ ही, आपका शिशॠकितना बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है, वह इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करेगा कि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है।
सामानà¥à¤¯ मल के कà¥à¤› और संकेत निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित हैं:
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले नवजात शिशà¥à¤“ं का मल आमतौर पर पीला और नरम या पतला होता है। शिशॠरोजाना पांच बार तक अपनी लंगोट गंदी कर सकता है।
कई बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠहर बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के दौरान या इसके तà¥à¤°à¤‚त बाद मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे ही उसका पेट à¤à¤°à¤¤à¤¾ है, दूध उसकी पूरी आनà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤²à¥€ को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर देता है, जिससे मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करने की इचà¥à¤›à¤¾ होती है।
à¤à¤• महीने के अंदर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠहर दिन काफी बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करना जारी रखेंगे। मगर उनका वजन बढ़ना à¤à¥€ जारी रहेगा और उनके मल में कोई खून नहीं होना चाहिà¤à¥¤ कई बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले कà¥à¤› शिशॠà¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— नहीं करते। मगर, जब वे करते हैं, तो à¤à¥€ उनका मल नरम ही होता है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशॠदिन में à¤à¤• बाद मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं। इनका मल कà¥à¤› ठोस और बदबूदार होता है।
बहरहाल, हर शिशॠअलग होता है और वयसà¥à¤•ों की तरह उनके मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ बदलाव आ सकते हैं।
जब तक शिशॠका मल नरम हो और उसका वजन बढ़ रहा हो, तब तक मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— में आने वाले सà¤à¥€ बदलाव सामानà¥à¤¯ माने जाते हैं।
शिशॠके मल के बारे में कà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं, हमारे इस लेख में जानें।
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया) किस वजह से होते हैं?
इसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों की सूची बहà¥à¤¤ लंबी है। आपके शिशॠको विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (​वायरल) या जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से डायरिया हो सकता है। इसके अलावा इसके कारण कोई परजीवी à¤à¥€ हो सकता है, शिशॠने कोई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ ली हो या फिर कà¥à¤› खाया हो।
वायरल इनफेकà¥à¤¶à¤¨
बहà¥à¤¤ से विषाणॠजैसे कि रोटावायरस, à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸, कैलिसिवायरस, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ और इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा डायरिया के साथ-साथ उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और बदन दरà¥à¤¦ का कारण हो सकते हैं।
दसà¥à¤¤ होने का सबसे आम कारण à¤à¤• विषाणॠहै, जिसका नाम है रोटावायरस। यह विषाणॠअंतड़ियों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है, जिससे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस होता है। यह आंत की अंदरà¥à¤¨à¥€ परत को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाता है। इस कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ परत से तरल पदारà¥à¤¥ का रिसाव होता है और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का समाहन किठबिना à¤à¥‹à¤œà¤¨ इसमें से निकल जाता है। कà¥à¤› मामलों में रोटावायरस गंà¤à¥€à¤° मल संकà¥à¤°à¤®à¤£ और शरीर में पानी की कमी की वजह से होता है (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का कारण बन सकता है।
रोटावायरस से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठशिशॠके टीकाकारण के तहत टीका लगाया जाà¤à¤—ा। यह à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ टीका है। शिशॠको कौन सी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगाई जा रही है, इसे देखते हà¥à¤ उसे दो या तीन खà¥à¤°à¤¾à¤• मिलनी चाहिà¤à¥¤ पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• उसे छह से आठहफà¥à¤¤à¥‡ की उमà¥à¤° में मिलनी ​चाहिà¤, दूसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• 10 से 16 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच और तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• करीब 14 से 24 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच लगनी चाहिà¤à¥¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि छह हफà¥à¤¤à¥‡ से कम उमà¥à¤° और चार महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशॠको इस टीके की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं दी जा सकती है। यदि आपने यह टीका शिशॠको नहीं लगवाया है, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
अधिकांश वायरल डायरिया à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाते हैं। चूंकि ये वायरस की वजह से होते हैं, इसलिठइनका उपचार à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ से नहीं किया जा सकता। इस दौरान अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥, जिसमें ओआरà¤à¤¸ का घोल à¤à¥€ शामिल है, पिलाने की सलाह दे सकते हैं, ताकि शिशॠको जलनियोजित रखा जा सके। दसà¥à¤¤ की अवधि को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जिंक अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं।
कई बार वायरल डायरिया गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और इससे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो शिशॠको आईवी यानि नसों के जरिये (इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¥€à¤¨à¤¸) तरल लेने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨
जीवाणॠजैसे कि सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾,​ शिगेला, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस, कैमà¥à¤«à¥€à¤²à¥‹à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° या ई. कोली à¤à¥€ दसà¥à¤¤ पैदा कर सकते हैं। यदि आपके शिशॠको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो उसे गंà¤à¥€à¤° डायरिया के साथ-साथ मरोड़, मल में खून और बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो à¤à¥€ सकती है और नहीं à¤à¥€à¥¤
कà¥à¤› जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ अपने आप ठीक हो जाते हैं, मगर कà¥à¤› जैसे कि ई. कोलाई से होने वाले इनफेकà¥à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। ई. कोलाई अधपके मांस और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अनà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹ में पाया जा सकता है। इसलिठयदि आपके शिशॠमें ये लकà¥à¤·à¤£ हों, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। वह शिशॠकी जांच करेंगे और शायद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के संकेतों के लिठसà¥à¤Ÿà¥‚ल कलà¥à¤šà¤° की जांच करना चाहेंगे।
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£
कà¥à¤› मामलों में कान में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (जो कि वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकता है) दसà¥à¤¤ की वजह बन सकता है। यदि आपके शिशॠके साथ à¤à¤¸à¤¾ हो, तो आप यह à¤à¥€ पाà¤à¤‚गी कि शिशॠचिड़चिड़ा है और अपने कान खींचता रहता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है और उसकी à¤à¥‚ख कम हो सकती है। हो सकता है उसे हाल ही में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हà¥à¤† हो। उसे बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
परजीवी
परजीवी (पैरासाइट) संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ डायरिया का कारण हो सकता है। उदाहरण के तौर पर जियाडाà¤à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• अति सूकà¥à¤·à¥à¤® परजीवी की वजह से होता है, जो आंत में रहता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में गैस, फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ, दसà¥à¤¤ और चिकना मल शामिल है।
इस तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ डे केयर या समूूहों में आसानी से फैलते हैं और इनके उपचार के लिठविशेष दवा होती है, इसलिठशिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ आसानी से फैलता है और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ की तरह डायरिया पैदा कर सकता है। यह अपने आप ठीक हो जाता है, मगर शिशॠकी डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच की जरà¥à¤°à¤¤ होती।
शिशॠमें कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बारे में यहां और अधिक जानें।
अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तैयार किया फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध
फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड अगर सही ढंग से तैयार न किया जाठतो दसà¥à¤¤ का कारण बन सकता है। इसलिà¤, सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप उचित मातà¥à¤°à¤¾ में पानी और फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलाà¤à¤‚। हमेशा फिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† पीने का पानी उबाल कर दूध तैयार करने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸
यदि आपके शिशॠको à¤à¤‚टिबायोटिक दवाओं के कोरà¥à¤¸ के दौरान या इसके बाद दसà¥à¤¤ होता है, तो यह उस दवा की वजह से हो सकता है जो आंतों में समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा करने वाले जीवाणà¥à¤“ं के साथ-साथ अचà¥à¤›à¥‡ ​जीवाणà¥à¤“ं को à¤à¥€ मार देती है। इन दवाओं की मातà¥à¤°à¤¾ कम करने से यह समसà¥à¤¯à¤¾ करीबन à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो सकती है।
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जूस
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में फलों के रस (खासकर सॉरà¥à¤¬à¤¿à¤Ÿà¥‰à¤² और उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ वाले जूस) या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीठे पेय शिशॠके पेट में गड़बड़ी कर सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको दो साल की उमà¥à¤° से पहले जूस देने की सलाह नहीं देते।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ यानि फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में ​शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ उन खादà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करती है, जो सामानà¥à¤¯ तौर पर कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाते। à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने के हलà¥à¤•े या गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तà¥à¤°à¤‚त या फिर à¤à¤•-दो घंटों में दिखाई दे सकते हैं। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में दसà¥à¤¤, गैस, पेट में दरà¥à¤¦ और मल में खून आना शामिल है। कà¥à¤› और गंà¤à¥€à¤° मामलों में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से पितà¥à¤¤à¥€ (हाइवà¥à¤¸), चकतà¥à¤¤à¥‡, सूजन और सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो सकती है।
दूध का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाला सबसे आम ततà¥à¤µ है। शिशॠको à¤à¤• साल का होने से पहले गाय का दूध नहीं पिलाना चाहिà¤, मगर यदि आपके शिशॠको दूध के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो तो गाय के दूध से बना फॉरà¥à¤®à¥‚ला या ठोस आहार शà¥à¤°à¥ करने पर डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से बना à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकती है। कà¥à¤› मामलों में तो यदि माठडेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन करे तो सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध से à¤à¥€ शिशॠको यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले अनà¥à¤¯ आम खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (इनमें से अधिकांश अà¤à¥€ आपके शिशॠके आहार में शामिल नहीं हà¥à¤ होंगे) में शामिल है अंडे, मूंगफली, सोया, गेहूं, मेवे, मछली और सीपदार मछली। यदि आपको लगे कि आपके शिशॠको शायद फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के विपरीत à¤à¥‹à¤œà¤¨ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ (फूड इनटोलरेंस), जिसे कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसमें आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿â€‹à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ शामिल नहीं होती। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता का à¤à¤• उदाहरण है लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾à¥¤
लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ शिशà¥à¤“ं में होना काफी असामानà¥à¤¯ बात है, मगर यदि यह आपके शिशॠको हो तो इसका मतलब है कि उसके शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं हो रहा। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤® है, जिसकी जरà¥à¤°à¤¤ लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ को पचाने में होती है। गाय के दूध और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में मौजूद शरà¥à¤•रा को लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ कहा जाता है।
जब बिना पचा हà¥à¤† लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ आपकी आंत में रहता है, तो इससे दसà¥à¤¤, पेट में मरोड़, फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ और गैस जैसे लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के सेवन के आधे घंटे से दो घंटों के बीच शà¥à¤°à¥ होते हैं।
वैसे अगर आपके शिशॠकी डायरिया की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हो, तो उसे असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ तौर पर लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में दिकà¥à¤•त हो सकती है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प उसे à¤à¤• या दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾
यदि आपके शिशॠने कोई जहरीली या न खाने योगà¥à¤¯ चीज जैसे दवाई, कोई पौधा या कैमिकल निगल लिया हो तो उसे दसà¥à¤¤ व उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। यदि शिशॠबेहोश हो या उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाà¤à¤‚। इसके अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में थकान और दौरे पड़ना है।
दसà¥à¤¤ à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤® की कमी से à¤à¥€ हो सकते हैं, हालांकि à¤à¤¸à¤¾ होना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है।
शिशॠके दसà¥à¤¤ का उपचार कैसे करना चाहिà¤?
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपका शिशॠअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करे, ताकि उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° आठऔर शरीर में पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) न हो।
अगर आपका शिशॠउचित मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पी रहा है, तो ये जारी रखें। इसके साथ-साथ, थोड़े बड़े शिशà¥à¤“ं को बीच-बीच में पानी, ओरल रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सोलà¥à¤¯à¥‚शन (ओआरà¤à¤¸) घोल के घूंट à¤à¥€ पिलाठजा सकते हैं। दसà¥à¤¤ के कारण शिशॠके शरीर से जो तरल और लवण निकल जाते हैं, ओआरà¤à¤¸ उनकी à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करने में मदद करता है। साथ ही, शिशॠजब à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ करे और पेशाब या मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करे तो उसे ओआरà¤à¤¸ के घोल की कà¥à¤› घूंट पिलाà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° डायरिया की अवधि कम करने के लिठजिंक अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं। आमतौर पर à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दी जाती है, जिनके मल में खून आ रहा हो।
शिशॠजो अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ खो रहा है, उसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ करने के लिठउसे अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚। उसे फà¥à¤²-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ पिलाती रहें, यानि उसके दूध में निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ से अतिरिकà¥à¤¤ पानी मिलाकर उसे पतला न करें। फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले और ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ कर चà¥à¤•े शिशà¥à¤“ं को उबालकर ठंडा किया पानी à¤à¥€ पिलाया जा सकता है।
ठोस आहार खाने वाले शिशà¥à¤“ं को नारियल पानी à¤à¥€ पिलाया जा सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है। शिशॠको फलों के रस, गà¥à¤²à¥‚कोस और सोडायà¥à¤•à¥à¤¤ पेय न दें। जो शकà¥à¤•र अवशोषित नहीं होती वह आंत में पानी इकटà¥à¤ ा करती है और दसà¥à¤¤ को बढ़ा सकती है।
शिशॠको à¤à¤‚टि-डायरिया दवा न दें। 12 साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को यह दवा नहीं देनी चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके गंà¤à¥€à¤° साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो सकते हैं। यदि आप इसे लेकर चिंतित हों, या आपके मन में कोई सवाल हो तो हमेशा अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
साथ ही, आपके शिशॠकी वजह से दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ डायरिया फैल सकता है। इसलिठजब उसने आखिरी बार पतला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— किया हो उसके कम से कम 48 घंटों बाद तक ​उसे डेकेयर या कà¥à¤°à¥‡à¤¶ न à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚। इसके बाद दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक शिशॠको सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग के लिठन ले जाà¤à¤‚।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है?
हां। सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में मौजूद विशेष ततà¥à¤µ और à¤à¤‚टिबॉडीज डायरिया पैदा करने वाले जीवों को बढ़ने से रोक सकते हैं। साथ ही, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠपीने के पानी, दूध की बोतलों या सही तरीके से या साफ-सफाई से तैयार न किठगठफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की वजह से होने वाले इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको ठोस आहार खिलाना बंद कर देना चाहिà¤?
नहीं। à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सेहतमंद आहार शिशॠके दसà¥à¤¤ के दौर की अवधि घटाने में मदद कर सकता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से शरीर को जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µ मिलते हैं, जो इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने के लिठजरà¥à¤°à¥€ हैं।
यदि आपके शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने या इससे अधिक है और वह बार-बार उलà¥à¤Ÿà¥€ नहीं कर रहा, तो आप उसे ठोस आहार खिलाना जारी रख सकती हैं।
यदि शिशॠने हाल ही में ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ किया है तो आप उसे चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, केले, सेब की पà¥à¤¯à¥‚री और सूखे टोसà¥à¤Ÿ खिला सकती हैं।
थोड़े बड़े शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ को आप थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में चिकन या सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे कि मसले हà¥à¤ आलू और पासà¥à¤¤à¤¾ दे सकती हैं।
हालांकि, हो सकता है आपके बचà¥à¤šà¥‡ की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने की इचà¥à¤›à¤¾ न हो। उसे थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में समय-समय पर खाना खिलाने से फायदा हो सकता है। उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में आप ​थोड़ा तेल, घी या मकà¥à¤–न मिलाकर इसे और अधिक कैलोरी समृदà¥à¤§ बना सकती है।
इस बात के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं कि दही में पाठजाने वाले जीवित बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कलà¥à¤šà¤° दसà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ और अवधि को कम करने का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीका है। यदि आपका शिशॠपहले से ही ठोस आहार खा रहा है, तो सादा, बिना मीठे का फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® दूध से बना दही उसे दे सकती हैं। यह डायरिया के उपचार का आसान तरीका है, खासकर यदि शिशॠको इसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ पसंद आता है तो। आप शिशॠको लसà¥à¤¸à¥€ या छाछ à¤à¥€ दे सकती हैं। बस आप यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि दही में लकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¬à¥‡à¤¸à¤¿à¤²à¤¸ या जीवित कलà¥à¤šà¤° हो।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• अनà¥à¤ªà¥‚रक देने की à¤à¥€ सलाह देते हैं। इस बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अधिक जानकारी लें। वे बता सकेंगे कि आपके शिशॠके लिठकौन सा अनà¥à¤ªà¥‚रक सही रहेगा और कितने समय त​क शिशॠको यह देने की जरà¥à¤°à¤¤ है। मगर यदि शिशॠखाना न चाहे, तो à¤à¥€ फिकà¥à¤° न करें। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ यह है कि वह परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लेता रहे, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो।
यदि शिशॠपानी जैसा पतला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करे तो मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब संपरà¥à¤• करना चाहिà¤?
यदि आपको लगे कि शिशॠकी तबिय​त ठीक नहीं है, तो हमेशा डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें, खासकर यदि शिशॠछह महीने से छोटा है तो।
पतले, पानी जैसे दसà¥à¤¤ के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को तà¥à¤°à¤‚त बताना चाहिà¤à¥¤ दसà¥à¤¤ होने से सबसे बड़ी चिंता शरीर में पानी की कमी होने की होती है। इसलिठयदि शिशॠके शरीर में तरल पदारà¥à¤¥ की कमी के निमà¥à¤¨ संकेत दिखाई दें तो चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सलाह लेने में देर न करें:
रà¥à¤–ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ या होंà¤
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€
बिना आंसà¥à¤“ं के रोना
धंसे हà¥à¤ कलांतराल (फॉनà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡à¤²)
हाथों और पैरों की रंगत फीकी होना
दà¥à¤°à¥à¤—ंध वाला पीला पेशाब
सामानà¥à¤¯ से कम लंगोट गीली होना
इनके अलावा, अगर शिशॠमें नीचे दिठगठये लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दें, तो आपको शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ हालांकि ये लकà¥à¤·à¤£ इतने आम नहीं हैं, मगर फिर à¤à¥€ इन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरà¥à¤°à¤¤ है। जैसे कि:
उलà¥à¤Ÿà¥€, जो 24 घंटो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जारी रहे
बà¥à¤–ार, जो 24 घंटो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जारी रहे
शिशॠकोई तरल पदारà¥à¤¥ नहीं ले रहा है
उसके मल में खून आ रहा है
काला मल
पेट पर सूजन
अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• रोना
मैं शिशॠकी असहजता कैसे कम कर सकती हूं?
यदि दसà¥à¤¤ कà¥à¤› घंटों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के लिठबने रहे तो आपको चिंता हो सकती है, मगर आमतौर पर ये अपने आप ठीक हो जाते हैं।
जितना हो सके शिशॠको पà¥à¤¯à¤¾à¤°-दà¥à¤²à¤¾à¤° करें और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। शिशॠके नितंबों को सूखा रखें। उसकी लंगोट (नैपी) à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सौमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से बदलें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दसà¥à¤¤ की वजह से उसके नितंबों में नैपी रैश की वजह से दरà¥à¤¦ हो सकता है।
अगर, दसà¥à¤¤ à¤à¤• दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक रहें, तो नितंबों में असहजता कम करने के लिठबैरियर कà¥à¤°à¥€à¤® का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। अगर हो सके तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता न करें, सही देखà¤à¤¾à¤² से आपका लाडला फिर से पहले की तरह खिल उठेगा।
मैं शिशॠको दोबारा दसà¥à¤¤ होने से कैसे बचा सकती हूं?
अपने शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठयह जरà¥à¤°à¥€ है कि उसे अचà¥à¤›à¤¾ पालन-पोषण मिले। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप शिशॠका टीकाकरण समय पर कराà¤à¤‚। यदि आपको टीकों को लेकर कोई चिंता या सवाल हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करेंं।
उचित साफ-सफाई डायरिया होने की आशंका को कम करने में मदद करती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसे पैदा करने वाले कीटाणॠआसानी से हाथों से मà¥à¤‚ह में चले जाते हैं। इसलिठगंदी नैपी बदलने या शौचालय के बाद अपने हाथ साबà¥à¤¨ से अवशà¥à¤¯ धोà¤à¤‚।
साथ ही, खाना बनाने और कचà¥à¤šà¥‡ मांस और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का काम करने के बाद आप अपने हाथ अवशà¥à¤¯ धोà¤à¤‚। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप खाना तैयार करने और पकाने के सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीकों का पालन करें।
अपने शिशॠके हाथ à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° धोना याद रखें। आपका शिशॠअपनी उंगलियां मà¥à¤‚ह में लेकर डायरिया पैदा करने वाले इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की चपेट में आ सकता है। इसी कारण शिशॠके खेलने की जगह पर गंदा पानी या गंदे खिलौने या कोई अनà¥à¤¯ दूषित चीज नहीं होनी चाहिà¤à¥¤
यदि आपके घर में पालतू जानवर है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वे घर में मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— न करें। असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जानवर को पशà¥à¤“ं के डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚ और पूरी तरह ठीक होने तक उसे शिशॠके कमरे में न आने दें।
यदि आपके घर में कामवाली या आया शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करती है तो उसे à¤à¥€ साफ-सफाई की मूल बातों का पालन करने के लिठकहें।
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